Office Vastu : कुछ इस तरह करें ऑफिस तैयार, बदलेगी किस्मत मिलेगी तरक्की
Posted on: 09 Mar, 2026
Office Vastu : दफ्तर या आपका वर्कप्लेस हमारे रोजर्मरा की जिंदगी से जुड़ा होता है। इसलिए इसका वातावरण पॉजिटिव एनर्जी से भरा होना चाहिए। अगर आप भी ऐसा मानते हैं तो इन vastu टिप्स को जरूर जानें। ज्यादातर लोग अपने ऑफिस को बनाते समय vastu का ध्यान रखते है। वैसे अगर बिजनेस में तरक्की लानी हो, या दफ्तर में प्रमोशन के रास्ते खोलने हो, तो बहुत से वास्तु टिप्स आपकी मदद करने वाले है। ऐसे कुछ वास्तु टिप्स आपके लिए आज हम बताने वाले है।
ध्यान रखें कैसा हो सीटिंग अरेंजमेंट
ऑफिस में कौन कहां बैठेगा इसका अरेंजमेंट बहुत जरूरी है । वास्तु के हिसाब से बॉस को हमेशा पश्चिम दिशा में बने केबिन में बैठना चाहिए। बैठने के बाद बॉस का चेहरा उत्तर पूर्व दिशा में होना चाहिए। बॉस की कुर्सी के पीछे लकड़ी की दिवार नहीं होनी चाहिए, बल्कि एक खाली दिवार हो तो बहुत अच्छा है। वही बाकी स्टॉफ मैनेजर डायरेक्टर और सेल्स टीम को पश्चिमी कोने में बैठना चाहिए। इससे आपकी टीम सही फैसले लेने लगेगी। साथ ही ऑफिस का वातावरण भी पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर होगा।
ऑफिस की एंट्री
vastu के अनुसार ऑफिस में एंट्री करने का रास्ता उत्तर, उत्तर पूर्व, या उत्तर पश्चिम दिशा में हो तो बेस्ट माना जाता है। क्योंकि यह दिशाएं भाग्य खोलती हैं। उत्तर दिशा को यश के देवता की दिशा माना जाता है। इससे आपके फाइनेंशियल रास्ते भी खुलते है।
इंटीरियर में रखें इन बातों का ध्यान
- दफ्तर का इंटीरियर बनवाते समय अगर प्रवेश द्वार वास्तु के अनुसार बताई गई दिशा में नहीं बन पाता है, तो उत्तर दिशा में शीशा या कुबेर यंत्र रखना शुभ माना जाता है। इससे आर्थिक स्थिति संतुलित रहती है और धन संबंधी परेशानियां कम होती हैं।
- ऑफिस के उत्तर-पूर्व (ईशान) कोने में तैयार माल या भारी सामान का ढेर नहीं लगाना चाहिए। खासकर ऑफिस डेस्क के सामने इसे रखने से बचें। बेहतर होगा कि तैयार माल को उत्तर-पश्चिम दिशा में रखा जाए, इससे बिक्री में तेजी आने की संभावना बढ़ती है।
- फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स और जरूरी कागजात को हमेशा दक्षिण-पश्चिम दिशा में बने कैबिनेट या अलमारी में रखें। वहीं तिजोरी या सेफ इस तरह रखें कि उसका मुंह उत्तर-पूर्व दिशा की ओर हो, जिससे धन में वृद्धि के योग बनते हैं।
- दफ्तर में रिसेप्शन जहां तक संभव हो उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में बनवाना अच्छा माना जाता है। यदि ऐसा संभव न हो तो रिसेप्शनिस्ट को इस तरह बैठाएं कि उसका मुंह उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा की ओर रहे। साथ ही रिसेप्शन टेबल को सामने की दीवार से थोड़ा तिरछा रखें और दक्षिण दिशा की दीवार पर कंपनी का लोगो लगाना शुभ माना जाता है।
- पैंट्री के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है। इसे उत्तर दिशा में बनाने से बचना चाहिए। यदि मजबूरी में ऐसा करना पड़े तो सिंक के पास श्रीपर्णी लकड़ी से बना पिरामिड रखें और गैस स्टोव के पीछे तांबे का स्वास्तिक लगाएं।
- वॉशरूम के लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा सही मानी जाती है। वास्तु उपाय के तौर पर वॉशरूम में लकड़ी के कटोरे में नमक रख सकते हैं, जिसे हर सप्ताह बदलना चाहिए।
- सीढ़ियों का निर्माण दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में करना बेहतर होता है। ध्यान रखें कि ऑफिस के बिल्कुल मध्य भाग में सीढ़ियां न बनवाएं, इससे आर्थिक नुकसान की संभावना बढ़ सकती है।
- इसके अलावा ऑफिस में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए मालिक अपनी डेस्क पर फिरोजी रंग का पिरामिड रख सकते हैं। साथ ही डेस्क हमेशा साफ-सुथरी रखें और उसे गैर-जरूरी दस्तावेजों से भरा हुआ न रखें। टूटी हुई या खराब स्टेशनरी को भी ऑफिस में जमा करके न रखें, क्योंकि यह आर्थिक प्रगति में बाधा बन सकती है।
कैसे पेंट का यूज करें
ऑफिस में दीवारों पर किए जाने वाले पेंट ध्यान से चुनें। ज्यादा चमकने वाले रंगों का यूज करें, क्योंकि इनसे निगेटिविटी फैलती है। रोशनी निगेटिविटी को दूर करती है इसलिए हमेशा ऐसे रंगों का यूज करें जिनसे रोशनी रिफ्लेक्ट करें। दक्षिणी दीवार पर नीले रंग का पेंट पॉजिटिव एनर्जी लाता है। हरे रंग के पेंटस आपके क्लीग्स के रिलेशनशिप को ठोस करते हैं। ऑफिस में लाल और पिंक कलर का यूज बिल्कुल भी न करें।
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